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HAL ने पूरा किया तेजस का अहम अनुबंध, वायुसेना को सौंपे ट्रेनर विमान और HTT-40

Kavita2
19 Sept 2026 9:45 AM IST
HAL ने पूरा किया तेजस का अहम अनुबंध, वायुसेना को सौंपे ट्रेनर विमान और HTT-40
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बेंगलुरु। भारत के स्वदेशी विमान निर्माण कार्यक्रम को शुक्रवार को बड़ी उपलब्धि मिली। हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारतीय वायुसेना को दो LCA तेजस फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस (FOC) ट्विन-सीटर ट्रेनर विमान सौंप दिए। इसके साथ ही 2010 में दिए गए 16 लड़ाकू और चार ट्विन-सीटर यानी कुल 20 FOC तेजस विमानों के अनुबंध की डिलीवरी पूरी हो गई। इसी समारोह में HAL ने भारतीय वायुसेना को तीन HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान भी सौंपे, जबकि चार ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन (Dhruv NG) हेलीकॉप्टर पवन हंस लिमिटेड को दिए गए।

बेंगलुरु में आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू मौजूद रहे। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, रक्षा उत्पादन विभाग और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा HAL के शीर्ष अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। रक्षा मंत्रालय ने इसे भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमता और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

भारतीय वायुसेना को सौंपे गए दोनों तेजस विमान FOC कॉन्फिगरेशन वाले ट्विन-सीटर ट्रेनर हैं। इन विमानों का इस्तेमाल मुख्य रूप से लड़ाकू पायलटों के प्रशिक्षण में किया जाएगा। खास बात यह है कि ट्रेनर होने के बावजूद इनमें तेजस के लड़ाकू संस्करण की कई प्रमुख परिचालन क्षमताएं मौजूद हैं। तेजस को हल्के वजन वाले, हर मौसम में काम करने वाले 4.5 पीढ़ी के बहुउद्देश्यीय विमान के रूप में विकसित किया गया है।

वर्ष 2010 में रक्षा मंत्रालय, भारतीय वायुसेना और HAL के बीच 16 FOC लड़ाकू विमान और चार ट्विन-सीटर ट्रेनर विमान उपलब्ध कराने का अनुबंध हुआ था। HAL ने सभी 16 लड़ाकू विमानों की डिलीवरी 2022 से 2023 के बीच पूरी कर दी थी। इसके बाद ट्विन-सीटर विमानों की आपूर्ति शुरू हुई। शुक्रवार को अंतिम दो ट्रेनर सौंपे जाने के बाद इस अनुबंध के तहत सभी 20 विमानों की डिलीवरी पूरी हो गई है।

तेजस कार्यक्रम हालांकि यहीं समाप्त नहीं होता। भारतीय वायुसेना के लिए तेजस Mk1A के बड़े ऑर्डर पर भी काम चल रहा है। HAL की योजना आने वाले वर्षों में Mk1A के ट्विन-सीटर विमानों की भी आपूर्ति करने की है। इनमें AESA रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट और आधुनिक हथियारों जैसी उन्नत क्षमताएं शामिल करने की योजना है।

समारोह की दूसरी बड़ी उपलब्धि HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान की डिलीवरी की शुरुआत रही। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक HAL ने शुक्रवार को तीन HTT-40 भारतीय वायुसेना को सौंपे। इनमें पहले सीरीज-प्रोडक्शन विमान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘अंकुर’ नाम दिया। यह 70 HTT-40 विमानों की आपूर्ति के लिए हुए अनुबंध के तहत डिलीवरी की शुरुआत है।

HTT-40 को HAL के एयरक्राफ्ट रिसर्च एंड डिजाइन सेंटर ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है। यह विमान भारतीय रक्षा सेवाओं में पायलटों के शुरुआती प्रशिक्षण की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका इस्तेमाल बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग के अलावा एरोबेटिक्स, इंस्ट्रूमेंट फ्लाइंग, नेविगेशन, नाइट फ्लाइंग और फॉर्मेशन फ्लाइंग जैसे प्रशिक्षण में किया जा सकता है।

HTT-40 ने 31 मई 2016 को अपनी पहली उड़ान भरी थी। इसके बाद विमान को अलग-अलग परिस्थितियों में परीक्षणों से गुजारा गया। रक्षा मंत्रालय ने मार्च 2023 में HAL के साथ 70 HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमानों की खरीद के लिए करीब 6,828 करोड़ रुपये का अनुबंध किया था। अब विमानों की डिलीवरी शुरू होने से वायुसेना के शुरुआती पायलट प्रशिक्षण ढांचे में स्वदेशी प्लेटफॉर्म की भूमिका बढ़ेगी।

HTT-40 में आधुनिक कॉकपिट और एवियोनिक्स सिस्टम दिए गए हैं। विमान में करीब 57 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री होने की जानकारी दी गई है। यह लगभग 1,100 SHP क्षमता वाले टर्बोप्रॉप इंजन से संचालित होता है। इसकी अधिकतम गति लगभग 300 नॉट और सर्विस सीलिंग करीब 6,000 मीटर बताई गई है।

इसी कार्यक्रम में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। HAL ने पवन हंस लिमिटेड को चार ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन हेलीकॉप्टर सौंपे। इसके साथ ही नागरिक उपयोग के लिए प्रमाणित Dhruv NG की सिविल एविएशन सेक्टर में औपचारिक एंट्री हुई है।

ध्रुव NG करीब 5.5 टन श्रेणी का हल्का ट्विन-इंजन मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर है। इसे यात्री परिवहन, VIP मूवमेंट, एयर एम्बुलेंस, ऑफशोर ऑपरेशन, आपदा राहत और अन्य नागरिक सेवाओं के लिए अलग-अलग कॉन्फिगरेशन में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें दो शक्ति 1H1C इंजन लगाए गए हैं और इसकी यात्री क्षमता 14 तक बताई गई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीन अलग-अलग स्वदेशी विमानन प्लेटफॉर्म के एक साथ हस्तांतरण को देश की एयरोस्पेस क्षमता के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। सरकार का कहना है कि स्वदेशी डिजाइन, विकास और निर्माण को बढ़ावा देकर रक्षा और विमानन क्षेत्र में विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया जा रहा है।

तेजस ट्रेनर, HTT-40 और ध्रुव NG तीन अलग-अलग जरूरतों को पूरा करते हैं। तेजस ट्रेनर लड़ाकू पायलट प्रशिक्षण से जुड़ा है, HTT-40 नए पायलटों के शुरुआती प्रशिक्षण के लिए बनाया गया है, जबकि ध्रुव NG नागरिक हेलीकॉप्टर सेवाओं में इस्तेमाल होगा। एक ही कार्यक्रम में इन तीन प्लेटफॉर्म की डिलीवरी को HAL की सैन्य और नागरिक विमान निर्माण क्षमता के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

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